Released on January 24, 2019

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कोई मुझको ये बताये क्यूँ ये दूरी और मजबूरी

इस दुनिया की क्या स्टोरी किसके हाथ में इसकी डोरी

राईट में बिल्डिंग आसमान को छू री

लेफ्ट में बच्ची भूखी सड़कों पे सो री

कैसी ये मजबूरी पैसा रहना है ज़रूरी

नहीं तो कैसे होगी पूरी तेरी सीना जोरी

लम्बी गाड़ी जितनी किसकी खौली

आये चावल की खाली बोरी एक पैसो से भरी पूरी

कैसी ये मजबूरी हाँ, बोल ना

अब देखो तो हम पास हैं लेकिन

सोचो कितनी दूरी है

अब कैसी ये मजबूरी है

अब सोचो कितनी दूरी है

अब देखो तो हम पास हैं लेकिन

सोचो कितनी दूरी है

कैसी ये मजबूरी है

सोचो कितनी दूरी है

ये तो सारा 200 टक्का डन है

जितना काल तेरा मन उतना काल तेरा धन

वो तफरा शूट करते बोले गन

ये तरफ़ा करके है चिलम

वहां पे पेटी-पेटी रम

वहां पे खेती-खेती गंध

एक दुनिया में दो दुनिया उजाला एक अँधेरा

एक सेठ जी और एक चेला

कहीं तो मोती मेल में कोई जी रहा है अकेला

कहीं तो लोकल डिब्बे में है रेल पे है रेला

उनकी सेवा इनकी मेवा

अब देखो तो हम पास हैं लेकिन

सोचो कितनी दूरी है

अब कैसी ये मजबूरी है

अब सोचो कितनी दूरी है

अब देखो तो हम पास हैं लेकिन

सोचो कितनी दूरी है

कैसी ये मजबूरी है

सोचो कितनी दूरी है

घर पे सबके अपने अपने गम हैं

दीवारे ज्यादा और बोले कमरे यहाँ काम हैं

सोच में ये वज़न है क्योंकि खाली सब बर्तन है

मेरा करमा या करम है अब तो तोड़ना ये भरम है

मुझको सीने से लगा के कुछ नहीं कहती

मेरी माँ बस रोती मेरी माँ मेरी फौजी

मेरी माँ मेरी बोली लोरी मत रोना मत रोना

अब तो होनी अनहोनी अब होनी है अनहोनी माँ

अब देखो तो हम पास हैं लेकिन

सोचो कितनी दूरी है

अब कैसी ये मजबूरी है

अब सोचो कितनी दूरी है

अब देखो तो हम पास हैं लेकिन

सोचो कितनी दूरी है

कैसी ये मजबूरी है

सोचो कितनी दूरी है