देखो देखो तिनका तिनका चाहे आसमान को छूना

यह बूँद है जो ओस की इसे सेहरा को है भिगोना

समुद्र प्यास लेके हैं नदी पे आ रुका रुका

यह देखो मिट्टी चूमने पहाड़ भी है झुका झुका

चलना चलना चलना, तुझे इस राह पर है चलना रे

अब तो थके बिना, कहीं रुके बिना तुझको है आगे बढ़ना

चलना चलना चलना, तुझे कड़ी धूप में ही जलना

कि अब हर एक सवाल का हल तुझे तो है हल चलाके मिलना

यह नई है कहानी अब शुरू होनी लिखले जो चाहे कर मनमानी

चले जब जब तू, जिए चुप चुप तू, कहे धरती माँ

चलना चलना चलना, तुझे इस राह पर है चलना रे

अब तो थके बिना, कहीं रुके बिना तुझको है आगे बढ़ना

चलना चलना चलना, तुझे कड़ी धूप में ही जलना

कि अब हर एक सवाल का हल तुझे तो है हल चलाके मिलना

ओ, देखो देखो तिनका तिनका चाहे आसमान को छूना

यह बूँद है जो ओस की इसे सेहरा को है भिगोना

समुद्र प्यास लेके हैं नदी पे आ रुका रुका

यह देखो मिट्टी चूमने पहाड़ भी है झुका झुका

सदियों से यह मौसम, दिल हारे था बैठा

संग तेरे लाया है तू खुशियों का झोंका

बदलेगा अब आलम, है हरियाली का वादा

सपनों के साथ नहीं होगा अब धोखा

जब तक ना मिले मंज़िल अपनी, तब तक चलते हैं जाना

इस धरती पर ही स्वर्ग तुझे अब ले आना

चलना चलना चलना, तुझे इस राह पर है चलना रे

अब तो थके बिना, कहीं रुके बिना तुझको है आगे बढ़ना

चलना चलना चलना, तुझे कड़ी धूप में ही जलना

कि अब हर एक सवाल का हल तुझे तो है हल चलाके मिलना

धारा से धारा जब मिलती है आकर

संगम पे जैसे नई हो जाती हैं नदियाँ

वैसे ही तुझको हमराही बनाकर

लाखों कदमों को जैसे लक्ष्य मिला है नया

तू आगे चले, जग पीछे चले, तू है सदियों का नेता

माँ धरती का सबसे अच्छा तू है बेटा

चलना चलना चलना, तुझे इस राह पर है चलना रे

अब तो थके बिना, कहीं रुके बिना तुझको है आगे बढ़ना

चलना चलना चलना, तुझे कड़ी धूप में ही जलना

कि अब हर एक सवाल का हल तुझे तो है हल चलाके मिलना