Released on January 23, 2026

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[Chorus]

है सभी से अलग तू अकेला

समझते नहीं तेरा जुनून

इन घटाओं के उस पार सवेरा

इस घुटन के है उस पार सुकून


[Verse]

Workaholic

एक पल भी बैठा नहीं जाता मेरे से ज़रा भी

साँसें क्या ले लूँ सुकून से, आती आवाज़ें

"मैं कर रहा नहीं काफी"

"मैं बंदा नहीं काफी"

"मैं लड़ता नहीं काफी"

"क्या इसकी वजह थी?"

बीते ज़माने फिर पता लगा क्या थी मेरी कहानी (Arnab)

था मैं आठ साल का

माँ मेरी काफी नाराज़

मैं पढ़ता नहीं काफी

मैं बचपन से थोड़ा अलग

बैठा पढ़ने पर गलती से pencil गिरा दी

और सतह पर आम सी बात

पर झांको के थोड़ी गहराई में

दिखेगा बच्चा जो चाहता शाबाशी

पर हँस देते उसपे उसकी लापरवाही पे

Fast forward

दिल में नफरतें जगा ली

मैं कहता खुदी से, मैं कभी नहीं काफी

मैं चाहता माँ बाप समझें कि मैं काबिल

लग गया boarding के लिए करने तैयारी

और ये ना कोई आम school

ये बस लेते हजारों में पाँच को

पढ़ा गांड तोड़के

चौथी का बच्चा मैं

Maths कर देता था आठवीं का बिना आँख खोल

जाना था मुझे माँ बाप छोड़

मेरी माँ बोली बच्चे को जान दो

है ये career की बात

तो परवरदिगार को पूछ के चला घरबार छोड़

This was class five, class six, class seven

Class eight में था समझ आया

मुझे मारा इतना गए छाप छोड़

मेरे दिल में दिमाग में मारा इतना

हमें रोना नहीं आता था

हाथ जोड़ते थे, भीख मांगते थे, जान दो

क्या मैं याद आता हूँ माँ बाप को?

खैर, class eight

नफरत से नफरत ही बनता

तो बच्चों के दिल में शैतान ने जगह ली

देखा उन्होंने कि दुनिया में रहते शिकार और शिकारी

Flashback

मेरे में अब भी वो आठ साल का था Arnab भी ज़िंदा

वो चाहता था सब उसको कर लें बस शामिल

वो दिल नहीं दुखाना चाहता था किसी का

Bang on

इस से बढ़िया हो शिकार कौन?

खा गए चमड़ी वो काट नोच

टूटा नहीं फिर भी मैं

उठता हर सुबह और ढूंढूं मैं रोशनी आँख पोछ

सपने को रखना है ज़िंदा तो मर भी नहीं सकता, मैं बैठा लाचार

रातों को सोता, मैं सोचूं कि सब सुनते मेरी कहानी, हूँ मैं कलाकार

समझेंगे मुझे वो सुनने के बाद

हम आपस में बाँटेंगे थोड़ा सा प्यार

भूलूं मैं बातें, या पेंसिल गिरा दूं

वो समझेंगे खोया मैं अपने ख्याल में

हरगिज ना बोलेंगे मैं नहीं काफी

मुझसे नहीं पूछेंगे मेरी औकात

दिखे कभी उन्हें आँसू ज़रा भी

वो समझेंगे माज़ी से लड़ रहा मैं आज


[Chorus]

है सभी से अलग तू अकेला

समझते नहीं तेरा जुनून

इन घटाओं के उस पार सवेरा

इस घुटन के है उस पार सुकून