[Chorus]
है सभी से अलग तू अकेला
समझते नहीं तेरा जुनून
इन घटाओं के उस पार सवेरा
इस घुटन के है उस पार सुकून
[Verse]
Workaholic
एक पल भी बैठा नहीं जाता मेरे से ज़रा भी
साँसें क्या ले लूँ सुकून से, आती आवाज़ें
"मैं कर रहा नहीं काफी"
"मैं बंदा नहीं काफी"
"मैं लड़ता नहीं काफी"
"क्या इसकी वजह थी?"
बीते ज़माने फिर पता लगा क्या थी मेरी कहानी (Arnab)
था मैं आठ साल का
माँ मेरी काफी नाराज़
मैं पढ़ता नहीं काफी
मैं बचपन से थोड़ा अलग
बैठा पढ़ने पर गलती से pencil गिरा दी
और सतह पर आम सी बात
पर झांको के थोड़ी गहराई में
दिखेगा बच्चा जो चाहता शाबाशी
पर हँस देते उसपे उसकी लापरवाही पे
Fast forward
दिल में नफरतें जगा ली
मैं कहता खुदी से, मैं कभी नहीं काफी
मैं चाहता माँ बाप समझें कि मैं काबिल
लग गया boarding के लिए करने तैयारी
और ये ना कोई आम school
ये बस लेते हजारों में पाँच को
पढ़ा गांड तोड़के
चौथी का बच्चा मैं
Maths कर देता था आठवीं का बिना आँख खोल
जाना था मुझे माँ बाप छोड़
मेरी माँ बोली बच्चे को जान दो
है ये career की बात
तो परवरदिगार को पूछ के चला घरबार छोड़
This was class five, class six, class seven
Class eight में था समझ आया
मुझे मारा इतना गए छाप छोड़
मेरे दिल में दिमाग में मारा इतना
हमें रोना नहीं आता था
हाथ जोड़ते थे, भीख मांगते थे, जान दो
क्या मैं याद आता हूँ माँ बाप को?
खैर, class eight
नफरत से नफरत ही बनता
तो बच्चों के दिल में शैतान ने जगह ली
देखा उन्होंने कि दुनिया में रहते शिकार और शिकारी
Flashback
मेरे में अब भी वो आठ साल का था Arnab भी ज़िंदा
वो चाहता था सब उसको कर लें बस शामिल
वो दिल नहीं दुखाना चाहता था किसी का
Bang on
इस से बढ़िया हो शिकार कौन?
खा गए चमड़ी वो काट नोच
टूटा नहीं फिर भी मैं
उठता हर सुबह और ढूंढूं मैं रोशनी आँख पोछ
सपने को रखना है ज़िंदा तो मर भी नहीं सकता, मैं बैठा लाचार
रातों को सोता, मैं सोचूं कि सब सुनते मेरी कहानी, हूँ मैं कलाकार
समझेंगे मुझे वो सुनने के बाद
हम आपस में बाँटेंगे थोड़ा सा प्यार
भूलूं मैं बातें, या पेंसिल गिरा दूं
वो समझेंगे खोया मैं अपने ख्याल में
हरगिज ना बोलेंगे मैं नहीं काफी
मुझसे नहीं पूछेंगे मेरी औकात
दिखे कभी उन्हें आँसू ज़रा भी
वो समझेंगे माज़ी से लड़ रहा मैं आज
[Chorus]
है सभी से अलग तू अकेला
समझते नहीं तेरा जुनून
इन घटाओं के उस पार सवेरा
इस घुटन के है उस पार सुकून